बच्चे में दूसरों से बात करने में होती है परेशानी तो हो सकती है एस्पर्गर सिंड्रोम का संकेत

कई बार हम देखते हैं कि बच्चों को किसी नए लोगों से घुलने-मिलने में परेशानी होती है या किसी अजनबी से बात करने में बच्चे शर्माते और डरते हैं। इसके कारण क्लास में सवाल के जवाब में बच्चे हाथ नहीं खड़ा करते और उत्तर मालूम होने के बावजूद नहीं बता पाते। इस तरह की समस्याओं को हम बच्चों की शर्म या झिझक समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। मगर कई बार ये आदतें बच्चे में किसी मानसिक विकार का भी संकेत हो सकती हैं। ऐसा ही एक मानसिक विकार है एस्पर्गर सिंड्रोम। आइए हम जानते हैं क्या है एस्पर्गर सिंड्रोम और क्या हैं इसके लक्षण।

एस्पर्गर सिंड्रोम के लक्षण

नजरें मिलाकर बातें नहीं कर पाना और बोलते-बोलते रुकना

बात करते हुए थोड़ी उलझन में रहना

सामान्य सी बातों पर बहस करना और छोटी-छोटी बातों पर उग्र हो जाना

इंसान का भावनाशून्य हो जाना जैसे- किसी जोक्स पर न हंसना,  न खुश होना

खानपान में भी कोई विशेष रुचि नहीं दिखाना।

क्या है एस्पर्गर सिंड्रोम

इस बीमारी बच्चों को दो तरह की बातें बार-बार दिखती हैं। पहला वह दूसरों की तरह स्‍मार्ट है, लेकिन सामाजिक मुद्दों पर बहुत उलझन और मुसीबत में भी है। दूसरा वह एक विषय पर केंद्रित होकर बात करता है लेकिन उसकी हरकतों में दोहरावपन रहता है, यानी एक जैसा व्यवहार वह बार-बार करता रहता है। हालांकि यह कोई खतरनाक बीमारी नहीं है। 2013 में हुए शोध के बाद चिकित्सकों ने इसे ऑटिज्म स्प्रेक्ट्रम डिसऑर्डर यानी एएसडी का हिस्सा माना है।

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